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मेरी अधुरी कहानी

 ★ मेरी अधुरी कहानी ★

मेरी किस्मत की स्याही अब मेरी मुट्ठी में है,

अपनी तकदीर का हर पन्ना मैं ही लिखूँगी,

जो यादें बोझ बनीं, जो लम्हें दर्द दे गए,

उन बीते हुए पन्नों को आज फाड़ दिए मैंने...!

मगर सच है कि कलम जब काग़ज़ को छूती है,

तो हर लफ़्ज़ में तेरा अक्स उभर आता है,

मैं लाख चाहूँ कि मुकम्मल हो मेरी दास्ताँ,

पर ज़िक्र तेरा, मेरी स्याही को बिखेर जाता है...!

तेरे बिन बहारें अब बस एक कोरा सा काग़ज़ हैं,

तेरे बिना ये ज़िन्दगी अब अधूरी लिखूँगी,

भले ही मैं हूँ अपनी कहानी की एकमात्र नायिका,

पर हर मोड़ पर तेरी कमी को ज़रूरी लिखूँगी...!

मिटा दिए हैं मैंने वो अध्याय जहाँ हम एक थे,

मगर ख़ाली जगहों पर मलाल की कहानी होगी,

मेरा वजूद तो रहेगा, मेरा नाम भी ऊँचा होगा,

पर मेरी हर कविता में तेरी ही निशानी होगी...!



🙏 जय हिंद 🙏 


आपका अपना 

अहसास डायरी ✍️ 


● क्या आप मानते हैं कि 'अधूरी कहानियाँ ही अक्सर सबसे यादगार होती हैं ?

● क्या आपकी कहानी में भी कोई ऐसा 'अधूरा पन्ना' है ?

● इस कविता में आपको सबसे अच्छी लाइन कौन सी लगी ?

● क्या आप भी अपनी कहानी खुद लिखना पसंद करते हैं ?

● अधूरी कहानी ज्यादा खूबसूरत होती है या पूरी ?

● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।


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