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एक आखिरी अलविदा



★ एक आखिरी अलविदा ★

( दोस्तों के नाम )


वो स्कूल के गलियारे,
वो टिफिन का साथ निभाना,
तू जब भी परेशान थी, 
मैंने हाथ तेरा थामा था, 
तेरी मुस्कराहट ही तो, 
मेरी दोस्ती का पैमाना था, 
आज भी याद है मुझे, 
वो घंटों तक बाते करना, 
शायद अब तेरे दिल मे ,
वो पुरानी अहसास नहीं, 


छोटी छोटी खुशियों में, 
रंगों की तरह उभरना, 
मैं चाहीं थी फिर से, 
हम वही पल दोहराएं, 
अपनी भागती दुनियां से, 
थोड़ा वक्त चुरा लाए, 
पर अब लगता है तुम्हें, 
मेरी जरूरत नहीं, 
जहाँ वफा की जगह सिर्फ बहाने खड़े हो, 
बेहतर है कि हमारी राहें अलग हो,


ये आखरी विदा है उन यादों के नाम, 
जो स्कूल में शुरू हुई थी पर अब हुई तमाम, 
मैंने अपनी दोस्ती की हक अदा की, 
जा तुझे माफ़ की और दिल से दुआ भी दी, 
तू खुश रहें अपनी दुनियां मे, 
बस यही अरमान है, 
पर अब इस दोस्ती का, 
यही पूर्णविराम है...!


🙏 जय हिंद 🙏

आपका अपना
अहसास डायरी ✍️

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● क्या आपके साथ भी कोई ऐसा/ऐसी दोस्त है?
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Comments

  1. Anup12:37

    Beautiful line

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  2. Anonymous12:38

    School ki yaade

    ReplyDelete
  3. Radhe radhe13:43

    दूर हट जाओ ऐसे साथ से,
    जो साथ हो सिर्फ बात से,
    रिश्ता तो निभाना होता है,
    क्यों तकलीफ दे उनके गाथ से।।

    ReplyDelete
  4. आकाश13:47

    दोस्ती, को बदनाम ना करो,
    दोस्त या तो साथ होते है, या दोस्त नहीं होते

    ReplyDelete
  5. Rj Aabhash14:27

    You were not the kind of person who would say goodbye to someone just like that.

    ReplyDelete
  6. Kapil17:40

    Sahi hai aise dosto ko alvida hi kahna chahiye. Bahut badiya kavita h maza aa gaya

    ReplyDelete
  7. Riya14:40

    Beautiful poetry

    ReplyDelete
  8. Yashma20:55

    Meri bhi kuch frnds aisi hi hai.unke liye ye poetry best hai.#bekarfrnds

    ReplyDelete

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