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देश के लिए सबकुछ कुर्बान


देश के लिए सबकुछ कुर्बान


खतरे में ना हिन्दू है ना है मुसलमान,
खतरे में है मेरा हिंदुस्तान,,
सर्व धर्म समभाव की धरती,
खतरे में है भारत की अभिमान,,


नही मिटा पाया कोई भारत की संस्कृति,
प्रयत्न किए कई वीर बलवान,,
रग - रग में शामिल है देशप्रेम,
यही है युवा दिलों की जान,,


मत तोड़ो मेरे देश की एकता को,
खो जायेगा इस दुनिया से भारत की पहचान,,
जाति - धर्म तो जीने की जरिया है,
क्यों मिटा रहे हो इसके लिए इन्सान,,


नही सिखाता कोई धर्म किसी को,
मेरे लिए मिटा दो हमारी प्यारी जहान,,
धन्य है मेरे देश की धरती,
जिसमे जन्म लिए है कई वीर महान,,


मानव धर्म को जग में फैलाया,
जिनसे हुई है हमारी भारत महान,,
गर्व करो अपने भारतीयता पर,
देश के लिए करो सबकुछ कुर्बान।।

✍️जय हिन्द✍️

आपका अपना
अहसास डायरी ✍️
 
● यह कविता आपको कैसी लगी ?
● हमें क्या - क्या करना चाहिए देश के लिए ?
● नीचे कमेंट में अपनी अहसास साझा कीजिए।

Comments

  1. राधे राधे06:02

    I love my India

    ReplyDelete
  2. Anonymous06:04

    सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा

    ReplyDelete

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