चींटी रानी (बाल गीत)
चींटी रानी
बाल गीत
चींटी रानी कहां तुम चली,
सिर में लेकर बोझ किस गली,
आपस में तुम बाते क्या करते हो,
हमेशा एक लाइन में क्यों चलते हो,
कभी गिरती, कभी संभलती,
आगे - पीछे, इधर - उधर मचलती,
दिन रात तुम मेहनत करती हो,
खाने की चीजों से घर अपनी भरती हो।
🙏 जय हिंद 🙏
आपका अपना
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