उनसे प्यार क्यों है
ऐ दिल जरा संभल कर चल,
क्यों रहा है मन तेरा मचल,,
अभी तो तूने दर्द से राहत पाया है,
प्यार से दूर रहने का कसम खाया है,,
तूने किया था उसे हद से ज्यादा मोहब्बत,
छोड़ दी तुम्हें पाकर उसने थोड़ी शोहरत,,
साथ जीने - मरने की कसमें खाई थी,
सिर्फ तेरा हूँ, ये बातें समझाई थी,,
पर बीच डगर में तेरा साथ छोड़ गई,
तेरे साथ तेरा दुनियां तोड़ गई,,
अभी तो जख्म भी तेरे हरे हैं,
दिए उनके धोखे का चोट गहरे है,,
जख्म पाकर तुझे अहसास हुआ था,
प्यार नाम तो जरूरत के लिए प्रयोग हुआ था,,
तुझसे बेहतर पाकर वह तुझे छोड़ गई,
तन्हाई की राह में तुझे मोड़ गई,,
याद रख ये प्यार और विश्वास की झूठी बातें,
जिसने दिया तुझे दर्द की सौगातें,,
और छोड़ दे ये प्यार की झूठी राह,,
अपने सपने को बना लो अपना हमराह,,
अब फिर तुझे उनकी साथ की दरकार क्यों हैं,
अब भी तुझे उनसे प्यार क्यों है,,।।
अब भी तुझे उनसे प्यार क्यों है,,।।
तुझे उनसे प्यार क्यों है।।।।
🙏 जय हिंद 🙏
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