इज़हार
★ इज़हार ★
नजरों में अब नई चमक है,
हवाओं में घुली एक महक है,
जो कल तक था बस एक आम सा लम्हा,
आज उसमें मोहब्बत की खनक है...!
खामोशियां अब बातें करने लगी हैं,
तन्हाइयां यादों से भरने लगी हैं,
आईने में खुद को देख मुस्कुराती हूँ,
हसरतें अब हदें पार करने लगी हैं...!
तुम्हारी तरफ हर रास्ता मुड़ रहा है,
ये कच्चा धागा अब पक्का जुड़ रहा है,
जमीन पर कदम अब ठहरते नहीं मेरे,
लगता है परिंदा कोई आसमां में उड़ रहा है..!
धड़कनों में जैसे कोई शोर मच रही है,
उस प्यारे से लड़के से, मेरा हर पल गुलज़ार हो रही है,
नींद आंखों से जरा रूठी हुई है,
हाँ, सच है कि मुझे मोहब्बत हो रही है...!
🙏 जय हिंद 🙏
अहसास डायरी ✍️
● क्या आपको भी कभी ऐसा महसूस हुआ है ?
● प्यार होने पर सबसे पहला बदलाव क्या महसूस होता है ? कमेंट में बताएं।
● क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि 'खामोशियां' भी बातें करने लगी हों ?
● प्यार एक शब्द है या एक एहसास ? आप क्या सोचते हैं ?
● क्या कभी किसी के ख्यालों में आपको भी नींद आना बंद हुआ है ?
● इस कविता के लिए आपका एक शब्द क्या होगा ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।






Pyr h to ijhar karoo
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