हमसफ़र के नाम
★ हमसफ़र के नाम ★
गैलरी में ढेरों तस्वीरें सहेज रखी हैं मैंने,
पर उन चेहरों को गौर से देखने की फुर्सत नहीं,
जिनकी मुस्कान के लिए दिन-रात जलाए हैं चिराग,
आज उन आँखों में झाँकने की भी हिम्मत नहीं...!
दौड़ता हूँ घर की छतें ऊँची करने की खातिर,
पर घर के अंदर के सूनेपन का हिसाब भूल गया,
जो साथ चल रही थी अब तक, मेरी हर मुश्किल में,
मैं उसी का हाथ थामना, इस भागदौड़ में भूल गया...!
वो शामें अब कहाँ हैं, जो साथ चाय पीते बीतती थीं,
अब तो बस फाइलों में,
और घड़ी की सुइयों में उलझता हूँ,
रोटी तो कमा ली बहुत,पर सुकून की रोटी हार आया,
मैं रिश्तों के इस बाज़ार में,
खुद को ही निलाम कर आया...!
ईंटों की दीवारें तो खड़ी कर ली हैं आलीशान,
पर इन कमरों में गूँजती खामोशी दिल को चुभती है,
काश मैं लौट पाता उन दिनों में, जहाँ वक़्त मेरा था,
अब तो दौलत के ढेर पर बैठकर,
बस उम्र कम होती दिखती है...!
वो जो अब भी इंतज़ार में, दरवाजे तक आती है,
उसे एक मुस्कान देने को भी मैं मोहताज हो गया,
ज़िंदगी की इस दौड़ में, जीत तो गया मैं शायद,
पर जिसे जीतना था, उसी से मैं हार गया...!
🙏 जय हिंद 🙏
सपनों के महल बनाने की होड़ में, कहीं अपनों की मुस्कान तो नहीं खो दी हमने ? आज की यह पंक्तियाँ उन सभी के नाम, जो दौड़ तो रहे हैं, पर मंजिल के पास आकर खुद को अकेला पाते हैं। 🏠🥀
आपका अपना
अहसास डायरी ✍️
● क्या आप भी अपनी भागदौड़ भरी ज़िंदगी में अपनों के लिए समय निकालना भूल गए हैं ?
● आपके लिए जीवन में क्या ज्यादा ज़रूरी है—करियर की सफलता या परिवार का साथ ?
● वह कौन सी एक चीज़ है जिसे आप पाने की कोशिश में अपनी खुशी या सुकून खो बैठे हैं ?
● क्या आपको भी कभी-कभी लगता है कि हमने घर तो बना लिया, पर उसमें 'अपनापन' कम हो गया है ?
● अगर आपको पुरानी यादों में लौटने का मौका मिले, तो आप उस बीते हुए वक्त का क्या करेंगे ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।







Comments
Post a Comment
अपने विचार लिखिए 🤔
अपने अहसास साझा कीजिए 🤝🤗
अपना आशीर्वाद दीजिए 🙌