होली- रूह का रंग
🌸 होली - रूह का रंग 🌸
मुहब्बत की पिचकारी से प्यार की बौछार हो,
मेरे हमसफर, तुम पर खुशियों की बेशुमार हो,
लाल, गुलाबी, नीला, सब रंग फीके हैं,
जब तक तेरे गाल पर मेरी चाहत का गुलाल न हो...!
बहाने से करीब आकर, तेरा मुझे सताना,
वो चेहरे पर मलकर गुलाल, धीरे से मुस्कुराना,
तेरी आंखों की चमक में दिखता है उत्सव मेरा,
जैसे बिन कहे तूने कह दिया, "मैं हूँ बस तेरा"...!
रिश्ते की चाशनी में घुली रहे गुजिया की मिठास,
हर साल गहरा होता जाए हमारा ये विश्वास,
बदले चाहे ज़माना, पर ये रंग कभी न छूटे,
संसार की धूप में भी, हमारे प्यार की छाँव न टूटे...!
बाहों के घेरे में सिमटी रहे अपनी ये दुनिया,
जैसे रंगों के उत्सव में डूबी हो कोई बगिया,
इस फागुन की बयार में एक वादा हम कर लें,
एक-दूजे के संग ही, ये पूरी उम्र हम जी लें...!
तू मेरा इंद्रधनुष है, मैं तेरा आसमान हूँ,
तेरे बिना मैं अधूरा, तुझसे ही मेरी पहचान हो,
मुहब्बत की इस होली में, रूह से रूह मिल जाए,
तेरे गालों पर लगा रंग, मेरे दिल को महका जाए...!
🙏 जय हिंद 🙏
आपका अपना
अहसास डायरी ✍️
● कविता की कौन सी लाइन आपको सबसे ज्यादा खूबसूरत लगी ?
● क्या इस कविता ने आपको आपके किसी खास इंसान (हमसफर) की याद दिलाई ?
● आपके हिसाब से मोहब्बत का सबसे खूबसूरत रंग कौन सा है ?
● जैसे कविता में गुझिया की मिठास का जिक्र है, आपके रिश्ते की मिठास का राज क्या है ?
● इस खूबसूरत कविता के लिए आपकी तरफ से एक शब्द क्या होगा ? (जैसे: लाजवाब, रूहानी या बेमिसाल)
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पिचकारी की धार, गुलाल की बौछार,
ReplyDeleteअपनों का प्यार, यही है होली का त्यौहार।
रंगों के इस खेल में, दिल से दिल मिल जाने दो,
शिकवे मिटाकर सारे, बस प्यार की चाशनी घुल जाने दो।
सतरंगी हवाएं चलें, खुशियों का गुलाल उड़े,
इस होली आपके आंगन में, बस मुस्कान के फूल खिलें।
*खुशियों के रंगों से रंगे, प्यार की मिठास से सजे, मस्ती के महोत्सव 'होली' महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।*