होली
★ होली ★
आया रंगों का त्योहार,
लाया खुशियों की बौछार,
प्रकृति ने भी ओढ़ लिया है,
सतरंगी श्रृंगार...!
टहनियों पर खिल उठी हैं,
टेसू की कलियाँ लाल,
हवाओं में घुलने लगा है,
अब फागुन का गुलाल...!
पिचकारी की धार चली है,
मच गई है धूम,
बच्चे बूढ़े युवा सभी पर,
चढ़ा रंग का खुमार...!
न कोई पराया यहाँ,
न कोई दुश्मन का भाव,
मिटा दिए सब गिले-शिकवे,
मन में भरा प्रेम- भाव...!
थाली में सजी है गुझिया,
माथे पर लगा अबीर,
राधा संग कान्हा नाचे,
यमुना के सुंदर तीर...!
ढोलक की थाप गूँजती,
मजीरों की है झंकार,
गली-गली में गूँज रहा है,
होली का जयकार...!
रंगों का यह संगम है,
भाईचारे का संदेश,
खुशियों से भर जाए सबका,
घर-आँगन और देश...!
होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं,
बल्कि दिलों को जोड़ने का एक बहाना है...!
रंगों की इस दुनिया में,
आओ मिलकर हम खो जाएँ,
पुरानी सारी कड़वाहट को,
भुल आज गले मिल जाएँ...!
🙏 जय हिंद 🙏
आपका अपना
अहसास डायरी ✍️
● कविता की कौन सी पंक्ति आपको सबसे ज्यादा दिल के करीब लगी ? (जैसे: 'गिले-शिकवे मिटाना' या 'कान्हा-राधा का नाच')
● होली पर आपकी पसंदीदा मिठाई क्या है—गुझिया या कुछ और ?
● क्या आप भी मानते हैं कि होली दुश्मनी भूलने का सबसे अच्छा मौका है ?
● आपको रंगों वाली होली ज्यादा पसंद है या फूलों वाली 'वृंदावन स्टाइल' होली ?
● आपके लिए होली का असली मतलब क्या है ? एक शब्द में लिखो ?
● नीचे कमेंट्स में अपनी अहसास साझा करें।










Holi hai 😍✨️
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