तू आईना है मेरे अहसांसो की
तू आईना है मेरे अहसांसो की
तू चांद है मेरी रातों की,
तू भाव है मेरी बातों की,
तू बूंद है बरसातों की,
तू प्यार है, जज्बातों की,
और क्या बोलूं तुझे मै,
तू आईना है, मेरे अहसासो की...!
आंख है तेरी नशीली अदाओं वाली,
बाल है काली घटाओं वाली,
आवाज है मदहोशी लाने वाली,
बिंदिया है राह भटकाने वाली,
और क्या बोलूं तुझे मैं,
तू आईना है, मेरे अहसांसो की...!
होंठ है या पंखुड़ी है गुलाब की,
चेहरा है या नशा है शबाब की,
तन है या रचना है ख़्वाब की,
सवाल है या जवाब है लाजवाब की,
और क्या बोलूं तुझे मै,
तू आईना है मेरे अहसांसो की...!
तू प्यास है मेरे सूखे लबों की,
तू आस है मेरे कल के ख्वाबों की,
तू महक है चमन के फूलों की,
तू राहत है थकी हुई साँसों की,
और क्या बोलूं तुझे मैं,
तू आईना है मेरे अहसांसो की...!
खामोशियाँ हैं तेरी गुफ़्तगू जैसी,
साँसें हैं तेरी ताज़ा खुशबू जैसी,
नज़रें हैं तेरी पाक इबादत जैसी,
चाहत है तेरी रूह की चाहत जैसी,
और क्या बोलूं तुझे मैं,
तू आईना है मेरे अहसांसो की...!
मुझमें जो बाकी है, वो तेरा ही हिस्सा है,
मेरी हर एक कहानी का, तू ही तो किस्सा है,
मैं खुद को देखूं, तो तू नज़र आती है,
तू मेरे हर अनकहे जज्बात को जानती है,
और क्या बोलूं तुझे मैं,
तू आईना है मेरे अहसांसो की...!
तेरा मुस्कुराना जैसे सुबह की पहली किरण,
तेरी मौजूदगी से महक उठता है मेरा आँगन,
तू दुआ है मेरी हर मुश्किल की राह में,
तू सुकून है मेरी बेचैन सी पनाह में,
और क्या बोलूं तुझे मैं,
तू आईना है मेरे अहसांसो की...!
🙏 जय हिंद 🙏








Mat kar re bhai , khood ko dekh
ReplyDeleteBahut badhiya kavita likhe ho ji
ReplyDeleteMaja a gaya
Itna jyada pyar
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
लफ्जों ने जो आज ये साज़ छेड़ा है,
ReplyDeleteलगता है दिल ने कोई गहरा राज़ खोला है।
जब ख़ामोशियाँ खुद गुनगुनाने लगें,
समझो कि रूह ने मोहब्बत का नाम बोला है।