मेरे भोलेबाबा
★ मेरे भोलेबाबा ★
कंठ में विष का प्याला है,
तन पर छाला है,
माथे पर चंदा चमक रहा,
गले में सर्पों की माला है,
जटा से बहती निर्मल गंगा,
मन में शांति का वास है,
देवों के देव महादेव,
आप पर अटूट विश्वास है,
शून्य हो तुम, अनंत भी तुम,
प्रलय भी तुम, और वसंत भी तुम,
हाथ में त्रिशूल साजे,
डमरू की वो डम-डम है,
जब नाचें नटराज प्रेम में,
थिरकता ये ब्रह्मांड है,
भस्म लगाए बैठे बाबा मेरे,
जग से मोह को त्यागा है,
जिसके भीतर शिव जागा,
वो काल के डर से भागा है,
नीलकंठ है नाम आपका,
सारा विष पी जाते हो,
भक्तों के दुःख हरने को,
तुम दौड़े-दौड़े आते हो,
श्मशान के तुम वासी हो,
फिर भी जग के स्वामी हो,
कण-कण में तुम बसे हुए,
तुम ही अंतर्यामी हो,
सत्यम् शिवम् सुन्दरम्,
हर-हर महादेव,जय शिव शम्भू...!
🙏 जय हिंद 🙏
आपका अपना
अहसास डायरी ✍️
● महादेव का कौन सा स्वरूप आपके मन को सबसे ज्यादा शांति देता है ?
● क्या आपने कभी महसूस किया है कि जब कोई रास्ता न दिखे, तो 'महाकाल' की कृपा ने राह दिखाई हो ?
● नीचे कमेंट में अपनी अहसास साझा करें।



🙏🙏🙏
ReplyDeleteHar har mahadev
ReplyDeleteश्री शिवाय नमस्तुभ्यं 🙏
ReplyDelete🌹🙏श्री शिवाय नमस्तुभ्यं 🙏🌹
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