किसी के प्यार में हो रहा हूँ
खुलती हैं आँखें तो एक मुस्कान सजाता हूँ,
मन ही मन खुशी का कोई गीत गुनगुनाता हूँ,
बाल-मन की उमंग से खुद को नचाता हूँ,
और हर बात को हँसी के रंग में बताता हूँ,
अरे! ये क्या आलम है कि मैं बेहिसाब खुश हो रहा हूँ,
बिना किसी वजह के ही अपनी मुस्कुराहटों में खो रहा हूँ...!
जागती आँखों से हकीकत में भी ख्वाब सजा रहा हूँ,
नादानी में ये कैसा मोहब्बत का बीज बो रहा हूँ,
"लगता है" शायद किसी के प्यार में हो रहा हूँ...!
अब घंटों खुद ही के खयालातों में सोया रहता हूँ,
दिल के जज्बातों की महफ़िल में खोया रहता हूँ,
कामों के दरमियाँ भी शरारतें सी करता हूँ,
अपनी ही बातों पे मन ही मन मुस्कुराया करता हूँ,
अरे! ये क्या हुआ है मुझे, मैं अकेले में मचल रहा हूँ,
"लगता है" शायद किसी के प्यार में हो रहा हूँ...!
किसी को पाने की एक मीठी सी कशिश रहती है,
रूह मेरी अब हर पल खुशियों के दरिया में बहती है,
अचरज है कि ये दुनिया कैसे कोई दर्द सहती है,
मन कह रहा है कि जी भर के खुशियाँ बाटूँ सबको,
सबका दर्द अपना लूँ, मैं इतना 'इन्सान' हो रहा हूँ,
"लगता है" शायद किसी के प्यार में हो रहा हूँ...!
🙏 जय हिंद 🙏
आपक अपना
अहसास डायरी ✍️
● क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप अकेले बैठे हों और किसी का ख्याल आते ही बेवजह मुस्कुराने लगे हों ?
● क्या प्यार में पड़ने के बाद आपको भी पूरी दुनिया पहले से ज्यादा खूबसूरत और रंगीन लगने लगती है ?
● क्या कभी किसी की यादों ने आपकी रातों की नींद उड़ाई है ?
● लोग कहते हैं प्यार इंसान को बच्चा बना देता है, क्या आप भी प्यार में पड़कर छोटी-छोटी बातों पर चहकने लगते हैं ?
● इस कविता की कौन सी बात आपके दिल को सबसे ज्यादा छू गई ?
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