खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ
खूबसूरती( शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ )
तेरी खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ
मैं तुम्हें रूह से महसूस करना चाहता हूँ,
तेरी खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ।
आँखों की उन मासूम अदाओं को,
उनमें सिमटी हसीन फिजाओं को,
सागर में दबी इन भावनाओं को,
पलकों में छिपे सपनों की सफलताओं को,
मंज़िल की हर सीढ़ी साथ चढ़ना चाहता हूँ,
तेरी खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ।
लबों की वो मखमली कोमलता,
बातों में बसी वो सहज सरलता,
पावन मन की वो निर्मलता,
ज़िन्दगी की ये सादगी और सौम्यता,
मैं तुम्हारी शख्सियत पढ़ना चाहता हूँ,
तेरी खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ।
कोयल सी मीठी है तुम्हारी वाणी,
नूर से लबरेज़ है तुम्हारी जवानी,
अदा है तुम्हारी सबसे निराली,
तुम हो मेरे ख़्वाबों की रानी,
मैं तेरे लिए जग से लड़ना चाहता हूँ,
तेरी खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ।
ज़ुल्फों से जब अंधियारा छाने लगा,
यक़ीन मानो, वो अंधेरा भी भाने लगा,
बिंदिया का नूर राह दिखाने लगा,
तुझे देख तो चाँद भी शर्माने लगा,
मैं उम्र भर तेरे साथ चलना चाहता हूँ,
तेरी खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ।
हाथों में खनकते सुंदर से साज़,
संगमरमर सा बदन, मेरा प्यारा ताज,
तेरी सादगी पर हमें है बड़ा नाज़,
तुम हो परियों की महफ़िल की सरताज,
मैं तेरे संग जीना-मरना चाहता हूँ,
तेरी खूबसूरती, शब्दों में गढ़ना चाहता हूँ।








BUBU
ReplyDeleteकोइ इतनी भी खूबसूरत नही होता है
ReplyDeleteइमेजिन करके लिखे हों ना