गुलाब के साथ एक पैग़ाम
गुलाब को गुलाब देना चाहता हूं,
कलियों की शबाब देना चाहता हूं,,
महक गुलाब की बदन में छा जाए,
तकदीर को महकाना चाहता हूं,,
कोमल पंखुड़ी से मन ललचाए,
निर्मलता से जीवन बिताना चाहता हूं,,
कांटे लगे है मोहब्बत की राह में,
संभल कर प्यार निभाना चाहता हूं,,
फुल और कांटे दोनो लगे है गुलाब में,
जीवन में दोनो को अपनाना चाहता हूं।।
❣️ हैप्पी रोज डे ❣️
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🙏जय हिन्द🙏
आपका अपना
अहसास डायरी ✍️
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