Share:

कामयाबी की आसमां


कामयाबी की आसमां


ऐ दिल, तू मायूस न हो...
ऐ दिल, तू खुद को इतना क्यों सताता है,
जो बीत गया उसे क्यों बार-बार दोहराता है?


माना कि चोट गहरी है और घाव अभी हरा है,
पर देख, ये आसमाँ अब भी उम्मीदों से भरा है।


वो जो छोड़ गया तुझे बीच डगर में तन्हा,
वो तेरी मोहब्बत के काबिल ही कब था?
जिसने प्यार को सिर्फ 'जरूरत' का नाम दिया,
उसने अपनी फितरत को ही सरेआम किया।


तूने तो वफ़ा की, तू क्यों शर्मिंदा है?
तेरी इंसानियत, तेरी रूह आज भी जिंदा है।
वो जो शोहरत की खातिर रिश्ता तोड़ गए,
वो अपनी किस्मत को ही गलत मोड़ दे गए।
अब न कर उसकी यादों की कोई दरकार,
खुद से कर अब तू बेइंतहा प्यार।


तेरे सपने ही अब तेरे सच्चे हमसफर हैं,
काँटों के बाद ही मिलते हसीं मंजर हैं।
सँभल जा कि अभी बहुत कुछ पाना बाकी है,
तुझे तेरी जीत का जश्न मनाना बाकी है।


धोखे की स्याही से अपनी दास्तां न लिख,
तू खुद अपनी कामयाबी का नया आसमाँ लिख।

🙏जय हिन्द🙏

आपका अपना
अहसास डायरी ✍️

● यह कविता आपको कैसी लगी ?
●  यादों के लिए या कामयाबी के लिए जीना सही है ?
● नीचे कमेंट में अपनी अहसास साझा कीजिए।


अगर यह कविता आपके दिल को छुई, तो साझा करें:

💬 अपनी राय दें 📢 WhatsApp शेयर

Comments

  1. Anonymous05:02

    Good

    ReplyDelete
  2. Good boy06:02

    Good lines

    ReplyDelete
  3. Anonymous06:26

    Best motivational poem

    ReplyDelete
  4. Anonymous11:16

    राधे राधे

    ReplyDelete

Post a Comment

अपने विचार लिखिए 🤔
अपने अहसास साझा कीजिए 🤝🤗
अपना आशीर्वाद दीजिए 🙌

Popular posts from this blog

Ahasas Diary: Hamare Dil Se Aapke Dil Tak अहसास डायरी: हमारे दिल से आपके दिल तक

रिश्ते की उलझन : दोस्त या प्यार

मां का आंचल: बचपन की यादें