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साथ दर्द का किस्सा था



★साथ दर्द का किस्सा था ★


एक लड़की जिसकी,
जुबान में इतनी मिठास थी,
किसी को खबर नहीं,
कि वो कितनी उदास थी,
सबको लगा सोई है,
पर वो जगी पूरी रात थी,
खामोशी से रातें गुज़रती थी,


तन्हाई अब साथ होती थीं,
यू तो देखने से मजबूत थी,
पर अंदर से सीसे की तरह टूटी थी,
टूट कर भी दर्द खुद में समेटी थी,
साथ दर्द का किस्सा था,


दिल कहता हैं कोई गलत कदम उठा लूँ, 
और सब्र कहता है,
शायद सब ठीक हो जाएगा,
थोड़ा और सब्र कर ले,
जिंदगी अब प्यारी न थी,
क्योंकि साथ दर्द की कहानी थी...!


🙏 जय हिंद 🙏

आपका अपना
अहसास डायरी ✍️

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