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अजनबी सा रिश्ता


★ अजनबी सा रिश्ता हमारा ★


अजनबी सा रिश्ता है आप से, 
पर पता नहीं क्यों, सुकून सी लगती है, 
मिलती नहीं हूँ किसी से, 
पर आप से मिलने की, 
ख्वाहिश सी रखती हूँ, 
बातें इतनी मीठी हैं आपकी, 
लगता है बस सुनती ही जाऊँ,


सादगी भाने लगी हैं आपकी मुझे, 
गैरों सा व्यवहार नहीं रखती,
कुछ बात आप में हैं, 
आसानी से मेरे दिल को छू गई,
खूबसूरत इतनी हो,
ये मैं नहीं आपका दिल बताए, 
तारीफ़ करू तो झूठी लगूंगी,
पर सच कहूँ तो आप सच्ची लगती हो,
अजनबी सा रिश्ता है आप से, 
पर पता नहीं क्यूँ सुकून सी लगती है...!


🙏 जय हिंद 🙏
आपका अपना
अहसास डायरी ✍️
 

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